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Top 33 chanakya ‌vichar in hindi 


चाणक्य के विचारों से बहुत कुछ सिखा जा सकता है,इसीलिए लोग ज्यादा से ज्यादा गूगल में सर्च करते है, जैसे की chankya ke vichar in hindi, chanakya quotes, chanakya niti, chankaya vichar etc.

तो आज हम चाणक्य के विचारो के बारे में जानने वाले है उससे पहले chankya kaun the? यह जानेंगे साथ ही साथ हम जानेंगे की Top 33 chanakya ‌vichar in hindi
और साथ ही साथ हर एक chankya ke vichar in hindi,chankya quotes,chanakya niti, chankya vichar को इतना महत्त्व क्यों दिया जाता है,

इस के बारे में पहले जानेंगे उसके बाद चाणक्य कोट्स और चाणक्य विचार इनके बारे में विस्तार में आपको बताऊंगा.
तो चलिए जानते हैं.

कौन थे आचार्य चाणक्य ?


आचार्य चानक्य भारतवर्ष की एक ऐसी महान विभूति थे जिन्होंने संपूर्ण देश को एक सूत्र में पिरोकर भारत को एकरूपता दी.

यह राज्य इतना शक्तिशाली था कि सिकन्दर जैसे महान योद्धा को भी अपनी रक्षा के लिए उनके समक्ष झुकना पड़ा था,कूटनीति का पंडित होने के कारण उन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है.किन्तु इतने महान व्यक्त्तित्व के स्वामी होने पर भी उनका जीवन अत्यंत सरल और सादा था.वह एक सामान्य कुटिया में रहते थे परन्तु उनका चिन्तन, मनन,अध्ययन और विवेचन बड़े-बड़े राजप्रसादों के उच्च शिखरों से भी ऊंचा और महान था.

राज्यों-राष्ट्रों की सफलता के लिए इस महान कूटनीति पंडित ने जिन नियमो का निर्धारण किया है,वे आज के सन्दर्भ में भी उतने ही खरे उतरते है,जितने उस काल में थे,ऐसा कौन-सा विषय है जिसका आचार्य चाणक्य ने सटीक विवेचन न किया हो.

'चाणक्य नीति' आचार्य चाणक्य द्वारा रचित एक ऐसा अभूतपूर्व ग्रन्थ है जिसमे लोक व्यवहार,सिद्धान्त,नीति एवं राजनीति की ऐसी अनेक शिक्षाएं लघु सूत्रों के रूप में दी हुई हैं जिन्हें  जानकर पाश्चात्य विद्वान् भी हैरत से दांतों तले उंगली दबाते है,आप भी चाणक्य नीति को पढ़े उसे समजे और जीवन में आत्मसात कर सफलता प्राप्त करें.

मुझे आशा है आपको आचार्य चाणक्य कौन थे और इतने महान क्यों थे यह समझ आ गया होगा अब हम आचार्य chankya ke vichar in hindi,chankya quotes,chanakya niti,chankaya vichar के बारे में विस्तार से जानेंगे.

आज मैं  कुछ सूत्रों की जानकारी दे रहा हु ,उन्हें आप अपने जीवन में आत्मसात करने की कोशिश करें, personality development में यह सूत्रों तथा सिंद्धान्तो की जानकारी महत्वपूर्ण है,इसलिए आज कुछ सूत्रों और सिंद्धान्तो के बारे में जानेंगे बाकि रहे सूत्रों की जानकारी में अपनी अगली post में कुछ दिनों बाद publish करूँगा.

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Top 33 chanakya ‌vichar in hindi

तो चलिए शुरुवात करते हैं-

Top 33 chanakya ‌vichar in hindi


☀ खुद से सवाल:-


1) यह बोहोत महत्वपूर्ण है कि खुद से सवाल किया जाये और हम बिलकुल वही करते नहीं,आचार्य चाणक्य कहते है कि कोई भी काम करने से पहले खुद के मन से ३ सवाल पूछने चाहिए.

●यह काम में क्यों कर रहा हु?

●इस काम का क्या फल मिलेगा?

●क्या सफलता मिलेगी?

इन प्रश्नों का अपने मन में गंभीर विचार करो,उनके जवाब खोजने का प्रयत्न करो,
फिर काम को शुरुवात करो.


☀ सीधे भोले व्यक्ति न बने:-


2) जीवन कठिन है ऐसे व्यक्ति के लिए जो बोहोत साधा भोला है,ऐसे व्यक्ति को लोग दबाकर रखते है,उसकी तकरार और ईमानदारी को लोग पागलपण समझते है,जिसप्रकार जंगल में सबसे पाहिले सीधे पेड़ो को काटा जाता है.

3) टेडमेडे पेड़ो को लोग कम काटते है,इसलिए आप इतने भी सीधे साधे भोले भाले मत बनिए की लोग आपको लूट के खा जाये.

☀ अच्छे मित्र:-


4) मनुष्य जिस प्रकार के लोगो के साथ रहता है उन लोगो के स्वभाव का परिणाम उनपर अवश्य पड़ता है,जिस प्रकार बिज का परिणाम निर्माण होने वाली खेती के उत्पन्न पर पड़ता है.

5) इसलिए आपको विचारपूर्वक समझके आपका मित्र बनाना चाहिए,अगर आपके मित्र अच्छे होंगे तो आपके काम भी अच्छे होंगे,

6) जो सच्चा मित्र जरुरत पड़ने पर खुद की जिंदगी की पर्वा नहीं करता उसे ही सच्चा मित्र कहते है.

7) कुछ दोस्त आगे-पीछे आपको बुरा भला कहते है और आपके सामने  चेहरे पर मीठी मीठी बाते करते है,
ऐसे दोस्तों से हमेशा दूर रहें
ऐसे दोस्तों से कभी फायदा नहीं होता है, ऐसे दोस्त होने वाले काम भी बिगाड़ देते है, कभी भी ऐसे लोगों को अपना दोस्त न समझें,ऐसे दोस्तों से अच्छा है,एक बुद्धिमान शत्रु बेहतर होता है.

8) कभी भी धोखेबाज़ झूठे दोस्त पर भरोसा न करें .
ऐसे दोस्त नाराज़ होने पर सभी सीक्रेट या यू कहे गुप्त बाते खुद  होकर औरो को बोलने लगते हैं
ऐसे दोस्तों से सँभल  कर रहे और उनसे अपने रहस्यों को कबूल न करें
ऐसे दोस्तों से लाभ कमाने की उम्मीद भी न रखे.

9) जहां एक मित्र पसीना बहाता है,सही समय आने पर एक सच्चा मित्र वहीं होता है
जो अपना 'खून भी बहा देता है , उसे सच्चा दोस्त कहते है. 
अगर कोई दोस्त ऐसा नहीं करता है
उससे तो मगरमच्छ अच्छा जो कम से कम झूठे आँसू तो निकालता है. 

10) आदर्श दोस्ती मैत्री किसे कहते है, आईये कुछ उदहारण देखते हैं.

“कृष्ण और सुदामा”
"श्रीकृष्ण और अर्जुन"
"श्रीराम और विभीषण"

इन सभी की दोस्ती को आदर्श दोस्ती माना जाता है, आप भी
यदि कभी दोस्ती करे,तो इस तरह की एक आदर्श दोस्ती को सामने रखें.

11) बुद्धिमान लोग किसी से दोस्ती करने से पहले अच्छी तरह सोचते हैं क्योंकि 
वो यह अच्छी तरह से जानते हैं कि स्वार्थ के लिए की गयी दोस्ती हमेशा शत्रुता का कारण बनती है.


☀ सच्चा सुख:-


12) आचार्य चाणक्य कुछ उदाहरण देके केहते है कि,

"हातो की शोभा चूड़ियों से नहीं तो दान से बढ़ती है."
"शरीर स्नान से स्वच्छ होता है,चंदन लगाने से नहीं."
"फॅशन करने से अकल नहीं आती,ज्ञान से आती है"
"भोजन से अधिक समाधान,सन्मान से मिलता है"

जब तक इस जीवन के सत्य को आप नहीं समझते,तब तक जीवन का सच्चा सूख आप कभी नहीं पाओगे.

☀ परिवार:-


13) अपने धैर्य को न गवाते हुए तन मन धन से अपने परिवार को सहकार्य करें 
पूरी तरह से सहयोग करे .
“जो अपने बेटे को अपनी पकड में रखता है उसका बेटा आज्ञाकारी हमेशा रहता हैं".
"जो कोई भी माँ बाप की आज्ञा का पालन करता है ,सुनता है, वह वही पाता है जो पूर्ण परिवार पाता हैं "
ऐसा परिवार स्वर्ग जैसा होता है,उसे  अच्छा परिवार माना जाता हैं.
ऐसा परिवार हमेशा शांति लाता है, उन्हें सबका सच्चा प्यार मिलता है,

14) “जिस तरह एक बड़े जंगल में सिर्फ एक ही पेड़ होता है
और जैसे जंगल में उसकी सुगंध हर तरफ फैली होती है
उसी तरह एक ईमानदार और  बुद्धिमान औलाद चाहे एक ही हो चलेगा लेकिन वह ऐसे सैंकड़ो मुर्ख औलादों से अच्छा हैं.

15) ऐसे कई बेटों को क्या फायदा है जो अपने माता-पिता को चोट पहुँचाते हैं? "
यदि एक ही पुत्र पिता की सेवा के लिए है तो वह  एकमात्र योग्य है, तो
वह सबसे अच्छा बेटा है जो संकट के समय और माँ बाप के बुढ़ापे में सहायता का स्रोत बन सकता है.




16) “आपको  अपने बच्चे को पहले पाँच साल प्यार करना चाहिए,
और फिर आप उनसे  दस वर्ष तक कठोर होकर व्यवहार करें,
सोलह साल की उम्र में, उसे खुद को एक दोस्त मानना ​​चाहिए,
वही बच्चे आपसे कंधे से कन्धा मिलाके चलेंगे".


17) सुख-शांति और लक्ष्मी सभी इस घर में आयेगी.
जिस घर में मूर्खों की पूजा नहीं होती, 
जिस घर में विद्वानों का सम्मान होता है,
जिस घर में पति-पत्नी में झगड़ा नहीं होता.

18) हर इंसान के जन्म से पाच पिता होते हैं,

१)जन्म दाता 

२)यज्ञोपवीत

३) जो संस्कार देता है

४) विद्या देने वाला

५) संकटसमय प्राणरक्षा करनेवाला 

ये मानव जाति के पांच सबसे अच्छे दोस्त हैं,
अब जानिए 

19) पुरुषों के चार प्रमुख दुश्मन कौन से हैं :-

१) उधार लेने वाला पिता 

२) चरित्रहीन  माँ

३) सुंदर पापी पत्नी।

४) मूर्ख बच्चे

इन चार कारणों से मनुष्य कभी भी संकट पे पड़ सकता हैं.

20) एक बड़े घर में पैदा हुआ व्यक्ति कभी बड़ा नहीं होता,
जो  छोटे घर में पैदा हुए हैं उन लोगों को कम मत समझो,
क्योंकि वे बुद्धिमान, अच्छी तरह से शिक्षित हैं, उनमें विशेषज्ञता है.
जिनके पास विचार-विवेक है, ऐसे पुरुष अपने गुणों से ही महान बनते हैं.

21) विद्यार्थी जो है उन्हें इन आठ चीज़ो से दूर रहना चाहिए  
काम, क्रोध,लालच, स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ, मेकअप, खेल, अधिक नींद और अधिक सेवा.
इन सभी चीजों से दूर रहकर छात्र ख़ुशी से रहता है.
इस से जीवन के भयानक अंधकार को प्रकाश बना
सकते हैं.

22) एक खुश और शांतिपूर्ण घर बनाता है-
जहाँ बच्चे बुद्धिमान, पढ़े-लिखे होते हैं,
पत्नी शांत और  गृहलक्ष्मी हो और जो सभी गृह कार्य 
अपने हाथों से करें .

23) जिस घर में मेहमानों का सबसे ज्यादा सम्मान होता है.
जिस घर में शंकर की पूजा होती है.
जिस घर में पीने के लिए पानी और खाने के लिए हमेशा अच्छा भोजन होता है.
वह घर जिसमें बुद्धिमान पुरुषों का संगीत होता है.
ऐसा घर सबसे अच्छा है और यह स्वर्ग की डिग्री दिखाता है.
ऐसे घरों में रहने वाले लोग हमेशा खुश रहते हैं.

24) जिस घर में एक सुंदर और गुणवान पत्नी होगी, ऐसा घर सभी को मोहित करता है.
घर में रहने वाले हमेशा खुश रहते हैं.


☀ धर्म:-


25) मृत्यु को ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक माना जाता है,की मौत
दुनिया के हर प्राणी को नष्ट कर देता है, संसार नष्ट होने पर ही
एक ही मौत ही है जिसका राज्य बचता हैं.

26) मौत कभी नहीं सोती,हमेशा जागती रहती है इसीलिए 
मौत को कभी मत भूलो, हमेशा मौत को याद रखो
अच्छे कर्म करो 
जीवन का लक्ष्य बुरा नहीं अच्छा कर्म करना हैं.




27) "जैसा कि एक इंसान अपने कर्म जैसे करता है, उसे वैसा ही फल मिलता हैं.

28) इसीलिए इस कर्म के कारण ने ही जानवरों को इस दुनिया के दायरे में बांधे रखा हैं,
और जब मौत आती है, तो यह सब यहाँ रहता है,
कुछ भी इंसान साथ लेके नहीं जाता यदि कुछ लेके जाता है , तो वह सिर्फ अच्छे कर्म है.

29) इस संसार में केवल कर्म ही प्रमुख  है.
मनुष्य को कर्म का ही फल मिलता है.

30) यह बिल्कुल स्पष्ट है कि मनुष्य को केवल अपने कर्म के फल मिलते हैं
फिर मनुष्य के लिए यह अनिवार्य है की उसने  हमेशा अच्छे कर्म करना चाहियें 
हमें दूसरों का भला करना चाहिए.

31) केवल दूसरों की भलाई करने पर ही आत्म शांति हासिल होती है,इंद्रियों पर संयम
और जीवों की दया करने से बुद्धि शुद्ध होती है.

32) कर्म के माध्यम से एक व्यक्ति छोटा या बड़ा बनता हैं,तो हमेशा अच्छे कर्म
करें, बुरे कर्मो  से दूर रहें.
क्रोध, क्रोध, लोभ, मोह से मुक्त रहना यह अच्छे कर्म के साथी हैं.

33) जैसे कि,

"फूलों में खुशबू"

“तिल में तेल”

"लकड़ी में आग"

"दूध में घी"

"गन्ने में रस "

इन सब चीजों के गुणों का अंदाज़ आप बाहर से देख के नहीं लगा सकते हैं.
क्योंकि ये सब बाहर से नजर नहीं आते,इन गुणों को केवल गहन विचार से ही समझा जा सकता हैं
इसी प्रकार से मानवी शरीर में आत्मा का निवास होता हैं,इस आत्मा को हम शरीर  से अलग करके नहीं पहचान सकते ,हाँ केवल विचारों से इसकी पहचान की जा सकती हैं.
इसीलिए आप आत्मा को पहचानिए ,प्राण से अधिक महान आत्मा  हैं.


तो दोस्तों काफी लम्बा पोस्ट था,न जाने कितनी बाते थी इसमें,तो अभी हमने क्या क्या सिखा,और महत्वपूर्ण विचार कौनसे थे इसे शोर्ट में एक बार देख लेते हैं

🔺 summary (सारांश):-


खुद से सवाल करें-

-यह काम मैं क्यों कर रहा हु?

-इस काम का क्या फल मिलेगा?

-क्या सफलता मिलेगी?

टेडमेडे पेड़ो को लोग कम काटते है,इसलिए आप इतने भी सीधे साधे भोले भाले मत बनिए की लोग आपको लूट के खा जाये.

बुद्धिमान लोग किसी से दोस्ती करने से पहले अच्छी तरह सोचते हैं क्योंकि 
वो यह अच्छी तरह से जानते हैं कि स्वार्थ के लिए की गयी दोस्ती हमेशा शत्रुता का कारण बनती है.

जब तक जीवन के सत्य को आप नहीं समझते,तब तक जीवन का सच्चा सूख आप कभी नहीं पाओगे.

विद्यार्थी जो है उन्हें इन आठ चीज़ो से दूर रहना चाहिए  
काम, क्रोध,लालच, स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ, मेकअप, खेल, अधिक नींद और अधिक सेवा.
इन सभी चीजों से दूर रहकर छात्र ख़ुशी से रहता है.

केवल दूसरों की भलाई करने पर ही आत्म शांति हासिल होती है,इंद्रियों पर संयम
और जीवों की दया करने से बुद्धि शुद्ध होती है.


तो दोस्तों ये थे आज के Top 33 chanakya ‌vichar in hindi
मुझे लगता है आप आज बहुत कुछ सीखे होंगे, आपके पास भी अगर
chankya ke vichar in hindi,chanakya quotes,chanakya niti,chanakya vichar etc. ऐसे विचार टेक्स्ट फॉर्मेट मैं है तो आप हमें ईमेल कर सकते हैं.


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